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Ghazipur: जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष पाक्सो कोर्ट ने नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की जेल और अर्थदंड लगाया है।

Ghazipur: जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष पाक्सो रामअवतार प्रसाद की अदालत ने शनिवार को नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी हरेन्द्र राम (46) को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम कुमार राय के अनुसार, यह मामला 10 अप्रैल 2018 का है। उस समय नौ वर्षीय पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ राशन लेकर घर लौट रही थी। आरोप के मुताबिक, रास्ते में हरेन्द्र राम ने पीड़िता के छोटे भाई को मारकर भगा दिया और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता का छोटा भाई पास के काली मांई मंदिर से कुछ लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा। इस दौरान आरोपित वहां से भागकर ग्राम प्रधान के घर में जाकर छिप गया।

दिलदारनगर थाने में दर्ज कराया मुकदमा

पीड़िता के पिता ने 13 अप्रैल 2018 को दिलदारनगर थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

कुल 6 गवाह किए पेश

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। अभियोजन के अनुसार, सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पाक्सो रामअवतार प्रसाद की अदालत ने हरेन्द्र राम को दोषी ठहराते हुए पाक्सो एक्ट के तहत 10 साल के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही आईपीसी की धारा 323 के तहत छह महीने के कारावास से भी दंडित किया।

पीड़िता को दी जाएगी अर्थदंड की पूरी रकम

विशेष न्यायाधीश पाक्सो रामअवतार प्रसाद की अदालत ने आदेश दिया कि दोषी द्वारा जमा की जाने वाली अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी।